Tuesday, 9 January 2018

Ab jara kuch waqt gujaar ke dekh insaan bankar

इतना वक़्त गुजार दिया तूने हिन्दू और मुसलमान बनकर
अब जरा कुछ वक़्त गुजार के देख सिर्फ इंसान बनकर

कभी प्रार्थना मंदिर में की कभी दुआ की मस्जिद जाकर
कभी माँगा व्रत रख के कभी दुआ की रोज़ा रखकर
कुछ गीता का ज्ञान लिया कुछ तरीका कुरान पढ़कर
अब जरा कुछ वक़्त गुजार के देख सिर्फ इंसान बनकर

क्यों ना सीख पाया इंसानियत विद्यालय और मदरसे जाकर
कभी घूमे भगवा पहन के कभी हरे रंग में लिपटकर
ऊपर वाला भी है कहता कभी भगवान् कभी अल्लाह बनकर
अब जरा कुछ वक़्त गुजार के देख सिर्फ इंसान बनकर

कभी राज किया राजा बनके कभी शासन सुलतान बनकर
या तो जल के राख होगा या चला जायेगा शमशान मरकर
कोई फर्क नही देश और मुल्क में रहने दे इसे हिंदुस्तान बनकर
अब जरा कुछ वक़्त गुजार के देख सिर्फ इंसान बनकर

क्यों पाले नफरत दिलों में क्यों जीये यूँ घुट घुट कर
अब जरा कुछ वक़्त गुजार के देख सिर्फ इंसान बनकर

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