Sunday, 24 December 2017

Aao hum apni kahaani likhte hain

कुछ एहसास नए कुछ बातें पुरानी लिखते हैं
आओ हम अपनी कहानी लिखते हैं
लबों की नही दिल की जुबानी लिखते हैं
आओ हम अपनी कहानी लिखते है
दिल के समंदर में मौजों की रवानी लिखते हैं
आओ हम अपनी कहानी लिखते हैं
जिस्मों से परे एक रिश्ता रूहानी लिखते हैं
आओ हम अपनी कहानी लिखते हैं

No comments:

Post a Comment

आख़िरी तर्क: प्रेम

उपन्यास-   आख़िरी तर्क : प्रेम अध्याय 1: वह शाम और भीतर का अँधेरा उस शाम की बारिश में कुछ अलग था। आमतौर पर बारिश ...