Wednesday, 26 June 2019

सब हैं उसके रूप के क़ायल

छोटी  बिंदी  बड़ा  सा  गजरा
छम छम करती उसकी पायल
सरके  चूनर  कांधे  से  जब
तिल गर्दन का करे है घायल

चले  तो  चूड़ी  शोर  मचाए
लबों की लाली करे है पागल
नज़र  लगे  ना  उसे जहां की
मैं तोहफ़े में दे आया काजल

अमित 'मौन'

2 comments:

  1. बहुत सुंदर पंक्तियां 👌

    ReplyDelete

मंदबुद्धि

हर रोज परिवर्तित होती इस दुनिया से सामजंस्य बिठाने में असफल रहते हुए मैं हमेशा मंदबुद्धि की श्रेणी में रहा। जब दुनिया के सभी ज्ञानी  ख़ुद को ...