Sunday, 10 March 2019

मैं तुम्हे रोकना चाहता था..

मैं तुम्हे बाँधना नही चाहता था
मैं तुम्हे रोकना चाहता था

तुम कल कल करती एक नदी की मानिंद बह जाना चाहती थी अन्जान दिशा में जहाँ समंदर घात लगाए बैठा था तुम्हे ख़ुद में समाहित कर तुम्हारा अस्तित्व मिटाने को, मैं पर्वत बन तुम्हे सदा के लिए अपनी गोद देना चाहता था..

मैं तुम्हे बाँधना नही चाहता था
मैं तुम्हे रोकना चाहता था

तुम पेड़ की उस पत्ती की मानिंद थी जो दूर तक दिखते उस हरे भरे बाग के आख़िरी छोर तक जाना चाहती थी, तुम्हे उड़ना था उस हवा के साथ जो तुम्हे कहीं दूर ले जाकर अकेला छोड़ने की फ़िराक में थी, मैं उस पेड़ की डाली बन तुम्हारा हाथ थामना चाहता था

मैं तुम्हे बाँधना नही चाहता था
मैं तुम्हे रोकना चाहता था

तुम उस कली की मानिंद थी जिसे जल्दी से ग़ुलाब बन किसी प्रेमी को दिया जाने वाला वो तोहफ़ा होना था जिसे कुछ पलों के बाद धरती की गोद या किसी किताब में खो जाना था, मैं बस एक कांटा बन तुम्हे सुरक्षित रखना चाहता था

मैं तुम्हे बाँधना नही चाहता था
मैं तुम्हे रोकना चाहता था

तुम उस मुसाफ़िर की मानिंद थी जिसे सीधी सपाट सड़क पर तेज भागते हुए जल्दी से मंज़िल पानी थी, मैं उसी सफ़र में पथरीले गड्ढों वाले रास्ते चाहता था, मैं तुम्हे भटकाना नही चाहता था, मैं उस सफ़र को मंज़िल पाने के बाद भी याद रखना चाहता था, मैं उस दुर्गम सफ़र को तुम्हारे साथ तय करना चाहता था

मैं तुम्हे बाँधना नही चाहता था
मैं तुम्हे रोकना चाहता था

तुम आख़िरी अलविदा के वक़्त गौरैया के बच्चे की तरह थी, जो पहली बार में ही उड़ जाना चाहती थी दूर उस नीले आकाश के अनंत में, और मैं घोसले की तरह तुम्हारा आशियाना बनकर तुम्हे वापस इसी जगह मिलना चाहता था

मैं तुम्हारे पैरों की बेड़ियाँ नही बनना चाहता था, मैं बस चाहता था की उड़ते वक़्त तुम्हारे हाथों में प्रेम की डोर का एक सिरा हमेशा रहे ताकि वो सिरा तुम्हे कहीं दूर ना जाने दे....इतनी दूर जहाँ से वापस आना पहले मुश्किल और फिर नामुमकिन हो जाए.....

मैं कभी भी तुम्हे बाँधना नही चाहता था
मैं हमेशा तुम्हे रोकना चाहता था.....

अमित 'मौन'

7 comments:

  1. बहुत खूब ... मौन का संवाद खुद से ... एक चाह जो हो न सकी पर बाखूबी शब्दों से कह दी ... लाजवाब ...

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    1. हार्दिक धन्यवाद आपका🙏

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  2. वाह बहुत ही बेहतरीन प्रस्तुति

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    1. हार्दिक धन्यवाद आपका🙏

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  3. बहुत शानदार भावपूर्ण रचना।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
    iwillrocknow.com

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    1. बेहद शुक्रिया आपका

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