Wednesday, 9 October 2019

ये वादा है लौटूँगा

ना होना किसी का, जब किसी का हो लेना
सीखा है तुमसे ही , कैसे किसी का हो लेना
ये वादा है लौटूँगा, फिर मैं अगले जन्म
रखना सिर मेरे काँधे, और खुल के रो लेना

करो ये वादा मुझसे, ख़ुद को ना सज़ा दोगी
पहन के झुमके, पायल, ख़ुद को सजा लोगी
बिखरी जुल्फ़ों को अपनी, बारिश में अबकी धो लेना
रखना सिर मेरे काँधे, और खुल के रो लेना

तकोगी राह मेरी, आँखों में काजल होगा
नैनों से बातें होंगी, दिल भी पागल होगा
बाहों में सिमटना, और ख़ुद को खो देना
रखना सिर मेरे काँधे, और खुल के रो लेना

बातें भी होंगी बेवज़ह, बेवजह झड़पे होंगी
वक़्त आएगा वही, उंगलियाँ सिर पे होंगी
थकी हारी वहीं, गोदी में मेरी सो लेना
रखना सिर मेरे काँधे, और खुल के रो लेना

ये वादा है मैं लौटूँगा, तुम फिर से मेरी हो लेना
रखना सिर मेरे काँधे, और खुल के रो लेना

अमित 'मौन'

6 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 10.10.19 को चर्चा मंच पर चर्चा -3484 में दिया जाएगा

    धन्यवाद

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  2. तकोगी राह मेरी, आँखों में काजल होगा
    नैनों से बातें होंगी, दिल भी पागल होगा
    बाहों में सिमटना, और ख़ुद को खो देना
    रखना सिर मेरे काँधे, और खुल के रो लेना... बहुत ही सुन्दर सृजन सर
    सादर

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    1. अनीता जी हार्दिक धन्यवाद आपका

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  3. सुंदर प्रस्तुति

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    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद आपका

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